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असली गोवर्धन घी की पहचान करने के पांच तरीके
किसी उत्पाद को तैयार करने की बेहतरीन प्रक्रिया तभी सार्थक है, जब आप तक पहुंच वाली चीज़ असली हो। आजकल घी की शुद्धता सुर्खियों में है, ऐसे में नकली और गलत लेबल वाली पैकेजिंग बहुत बड़ा खतरा बन गई है। साथ ही, यह इस पर भी निर्भर है कि उपभोक्ता पैक की बारीकी से जांच करते हैं या नहीं। आइए जानते हैं, गोवर्धन घी खरीदने से पहले आपको किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।
- हिज्जे और लोगो की जांच करें
नकली पैकेजिंग में अक्सर छोटी-छोटी गलतियां होती हैं, जैसे फॉन्ट में थोड़ा फर्क, “गोवर्धन” के हिज्जे (स्पेलिंग) में बदलाव, या ऐसा लोगो जो देखने में तो असली जैसा ही लगे लेकिन दरअसल वैसा न हो। क्षण भर रुककर ध्यान से देखें, आमतौर पर इतनी देर में ही असली-नकली का फर्क पता चल जाता है।
- एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर पर गौर करें
हर प्रमाणिक पैक पर एफएसएसएआई नंबर साफ-साफ छपा होता है। यदि कुछ गड़बड़ लगे, तो उस नंबर को सीधे एफएसएसएआई के आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलाया जा सकता है। इसमें बस एक मिनट लगता है और शक हमेशा के लिए दूर हो जाता है।
- बैच नंबर और तारीखें देखें
असली पैक पर मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) और एक्सपायरी (उत्पाद के उपयोग की आखिरी तारीख) की तारीखें, और बैच नंबर साफ-साफ छपे होते हैं। धुंधली, गायब या गलत छपाई नकली होने की सबसे बड़ी पहचान है।
- अधिकृत विक्रेता से ही खरीदें
अनजान या अनधिकृत दुकानों पर बहुत अधिक रियायती दर पर नकली माल बेचना ग्राहकों तक पहुंचने का आम ज़रिया है। यदि कीमत बहुत कम लगे, तो खरीदने से पहले एक बार ज़रूर सोचें।
- सील की जांच करें
यदि सील बंद बताए जाने वाले उत्पाद के ढक्कन के साथ छेड़छाड़ हुई हो, यह फिर ढक्कन ढीला हो या ठीक से न लगा हो, तो यह सबसे बड़ी चेतावनी है – असली, फैक्टरी में सील किये गए पैक में कभी भी ऐसी कोई कमी नहीं होती।
पराग मिल्क फूड्स के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ), श्री राहुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा, “किसी भरोसेमंद ब्रांड के लिए, प्रामाणिकता सिर्फ उत्पाद या विनिर्माण प्रक्रिया तक ही सीमित नहीं होती, बल्कि उस पैकेट तक भी होती है जो ग्राहक तक पहुंचता है। नकली या छेड़छाड़ वाले उत्पाद से ग्राहकों का भरोसा कम हो सकता है और, इससे भी ज़रूरी बात यह कि इससे बेवजह जोखिम पैदा हो सकता
है। इसलिए हम ग्राहकों को सलाह देते हैं कि वे पैकेजिंग, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, बैच की जानकारी, तारीख और सील जैसी ज़रूरी चीज़ों की जांच करने के लिए थोड़ा समय निकालें और गोवर्धन के उत्पाद अधिकृत चैनलों से ही खरीदें। हमारी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है, गोवर्धन में, ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना। हम इसके लिए अपनी गुणवत्ता, पैकेजिंग और वितरण प्रक्रिया को बेहतर बनाते रहते हैं ताकि यह तय हो कि ग्राहकों को हर बार असली उत्पाद ही मिले।”
सबसे ज़रूरी बात: शक होने पर, खरीदने से पहले जांच लें
घी के मामले में, इसका असली होना उतनी ही ज़रूरी है, जितनी इसकी शुद्धता। लोगो और एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर से लेकर बैच की जानकारी, सील और खरीदने की जगह तक, कुछ चीज़ों पर गौर करने करने से यह तय हो सकता है कि आपकी रसोई में जो घी पहुंच रहा है, वह वाकई गोवर्धन का ही है।
नकली उत्पाद पहली नज़र में असली लग सकते हैं, लेकिन बारीकियों पर ध्यान देने से आसानी से पता लग सकता है कि उत्पाद असली है या नकली। आखिर, जब बात आपके परिवार की रोज़मर्रा उपयोग वाली चीज़ की हो, तो पैकेट की जांच-परख में कुछेक सेकंड लगाना हमेशा फायदेमंद हो सकता है।


